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गुरुवार, 10 दिसंबर 2009

नीतीश सरकार का "बागड बिल्ला"

पिछले चार साल मे अरबपति बने नीतिश के चहेते मंत्री हरिनारायण सिन्ह

समुचे देश मे सुशासन कुमार के नाम से चर्चित हो रहे बिहार के मुख्यमंत्री नीतिश कुमार की कलई धीरे-धीरे खुलती नजर आ रही है. यदि यही हाल रहा तो अगले साल होने वाले आम विधानसभा चुनाव मे उनकी हालत काफी पतली होनी तय है.

वहरहाल बात करते है श्री कुमार के पैत्रिक जिले नालन्दा की,जहाँ उनके सबसे करीवी विधायक सह मंत्रीमंडल सदस्य हरिनारयण सिन्ह है. जो इसके पूर्व लालू-मंत्रीमंडल मे वर्ष 1994 तक कबिना मंत्री थे और वे वर्ष 1995 का आम विधानसभा चुनाव मे नालन्दा जिले चंडी विधानसभा क्षेत्र से समता पार्टी के प्रत्याशी अनिल कुमार जो नीतिश के बुरे दिनो मे कांग्रेस पार्टी छोड कर नालन्दा जिले मे एक बडा सहारा बने थे,उनसे चुनाव हार गये.उसके बाद वर्ष 2000मे आम विधानसभा चुनाव के एन पहले अचानक राजद की डूबती नैया देख हरिनारण सिन्ह समता पार्टी (अब जदयू) मे शामिल हो गये. नीतिश कुमार ने भी अपने सीटींग विधायक अनिल कुमार का टिकट काट कर उन्हे थमा दिया और लालू विरोधी लहर मे चुनाव जितकर वर्तमान मे नीतिश सरकार मे अत्यंत प्रभावशाली कैबनेट मंत्री (मानव संसाधन-शिक्षा विभाग) है. कहा जाता है कि पूर्व मे कांग्रेस के पांच वर्षो तक विधायक रहने के बाद समता पार्टी मे शामिल हुये श्री अनिल कुमार नालन्दा जिले मे अपनी युवातुर्क छवि के बल चंडी सीट से वर्ष 1995 मे पुनः चुनाव ही न जीता अपितु,उसके बाद हुये लोकसभा चुनाव मे श्री नीतिश कुमार की संसदीय जीत मे भी प्रमुख भूमिका निभाई थी.

कहते है कि बिहार के वर्तमान मानव संसाधन मंत्री हरिनारायण सिन्ह लालू मंत्रिमंडल मे लालू का लल्लू बनकर लखपति ही बने थे.लेकिन अब नीतिश के लाल बनकर करोडपति तो दूर अरबपति बन गये है. अपने क्षेत्र की योजनाओ समेत नालन्दा जिले के विभागीय परियोजनाओ से बडी कमाई हो रही है.इनके बडे पुत्र ने तो शिक्षक बहाली पक्रिया के दौरान अपने पिता के भ्रष्टाचार की सिर्फ कमान ही नही संभाली,अपितु एक फर्जी संस्था से सांठगांठ कर भारी पैमाने पर नकली शिक्षक प्रशिक्षण प्रमाण-पत्र का भी धन्धा किया है. सरकारी स्कूलो मे दोपहर का भोजन तैयार कर सप्लाई करने का प्रोजेक्ट भी दिल्ली की एक एनजीओ की मिलीभगत से अपने गांव की अपनी जमीन स्थापित कर मंत्री खुद लाखो डकार रहे है. उनके प्रायः भाई भतीजे भी बिना किसी भय के सिर्फ लूट-खसोंट मे लगे है.

एनडीए यानि बिहार मे जदयू-भाजपा गठबन्धन की नीतिश सरकार मे शामिल इस मंत्री हरिनारायण सिन्ह की तुलना काली कमाई के मामले मे भ्रष्टाचार के आरोप मे फिलहाल जेल मे बन्द झारखंड के मधु कोडा सरकार के पूर्व निर्दलीय मंत्री हरिनारायण सिन्ह से की जा रही है.

यदि जांच कार्रवाई हो तो इस मंत्री के भी कलई खुलकर यूही सामने आ जायेगी.चूकि ये मुख्यमन्त्री नीतिश कुमार के काफी चहेते मंत्री है, इसलिये कोई भी इस ओर ऐसा कुछ करने की हिम्मत नही जुटा रहा है.लेकिन अब देखना यह है कि आकिर बकरे की माँ कब तक बकरे की खैर मनाती है.ऐसे मे राजद सुप्रीमो लालू यादव का वह कथन यूही ताजा हो जाती है कि मेरे तो मुहँ मे दांत है,चबाते है तो सब देखता है.लेकिन नितीश कुमार के पेट मे दांत है, कितनो चबा ले, किसी को दिखाई नही देता.

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